वो कहती है सुनो जाना
हमारी दुरी कही हमारे प्यार को कम न कर दे
मैं कहता हु ये दूरिया जो है वो हमरे प्यार को छु भी नहीं सकती है
क्या मैं अपनी सांसो को खुद से अलग रख सकता हू.....
वो कहती है कब तक मुझे अपनी सांसे बना कर रखोगे
क्या तुम हर जनम मुझे एसे ही चाहोगे
मैं कहता हू, इस बात पर कभी सोचा नहीं
सोचु तो जैसे सांसे अब ही थमने लगती है
वो कहती है तुम क्यों मुझे इतना चाहते हो
क्या मैं कोई सहजादी हु
मैं कहता हु मेरी नज़र से कभी खुद को देखो
तुम्हे मालूम हो जाएगा
वो कहती है तुम्हारी ये बाते ही मुझे बहुत सताती है
की मैं तुम्हारे बिना कभी खुद को सूच ना पाऊँगी
मैं कहता हु की मेरी ये बाते तुम्हारे साथ ही रहेगी
की मुझे कोई और गवारा नहीं है.
की जब तक मेरी ये ज़िन्दगी है तुम मेरी ही सांसे रहोगी
की मैंने बिन सांसो के जीना कभी सोचा नहीं है...
वो कहती है की कभी खुदा ने तुम्हे मुझसे जुदा करने की कोसिस की
तो क्या तुम मुझे जुदा हो जाओगे
मैं कहता हु तुम मेरी दुआ हो मेरी इबादत हो
की खुदा कभी दमन खाली नहीं करता
वो कहती है की मुझे इस प्यार में कभी दर्द ना देना
की मैं ये दर्द सह ना पाऊँगी
मैं कहता हु सुनो जाना
की प्यार और दर्द का रिश्ता बहुत पुराना है
लेकिन ये भी सच है की हर दर्द की दवा प्यार होती है
की तुम्हारे लिए मेरा प्यार कभी कम हो नहीं सकता........
वो कहती है की आपकी ये ही बाते मुझे बहुत सताती है
की आप बिन जीना मुझे कभी गवारा नहीं होगा.........
वो कहती हा सुनो जाना
हमारी दुरी कही हमारे प्यार को कम न कर दे....................
