Tuesday, December 14, 2010

आज फिर किसी याद में

आज फिर किसी याद में सारी रात सो नही पाया.
बेव्स और लचर दिल को रोक नही पाया.
आँखे बंद की जब उसे दूर जाने को
उसे अपने दिल से उतना ही करीब पाया
आज फिर किसी याद में सारी रात सो नही पाया.........

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