Wednesday, January 5, 2011

ज़िंदगी में कुछ रिश्ते

ज़िंदगी में कुछ रिश्ते अक्सर छूट जाते हा.
फिर भी हम अन रिश्तो को पाने के खातिर पूरे उमर जी जाते हा..
जब कम लगती हा ये ज़िंदगी तो हम
खुदा से एक और ज़िंदगी माँग लेते हे..
ज़िंदगी में कुछ रिश्ते अक्सर छूट जाते हा.
      
             उलझे रहते हे हम उन रिश्तो में
             जिनके लकीरे हमारे हाथो में नही होती
             फिर भी बनाने को उन लकीरो को
             खुदा से हर रोज़ एक नये लकीर की दुआ करते हे
             ज़िंदगी में कुछ रिश्ते अक्सर छूट जाते हा................

ज़िंदगी में कुछ रिश्ते

ज़िंदगी में कुछ रिश्ते अक्सर छूट जाते हा.
फिर भी हम अन रिश्तो को पाने के खातिर पूरे उमर जी जाते हा..
जब कम लगती हा ये ज़िंदगी तो हम
खुदा से एक और ज़िंदगी माँग लेते हे..
ज़िंदगी में कुछ रिश्ते अक्सर छूट जाते हा.
      
             उलझे रहते हे हम उन रिश्तो में
             जिनके लकीरे हमारे हाथो में नही होती
             फिर भी बनाने को उन लकीरो को
             खुदा से हर रोज़ एक नये लकीर की दुआ करते हे
             ज़िंदगी में कुछ रिश्ते अक्सर छूट जाते हा................

Tuesday, December 14, 2010

आज फिर किसी की याद में

आज फिर किसी की याद में सारी रात सो नही पाया.
बेव्स और लचर दिल को रोक नही पाया.
आँखे बंद की जब उसे दूर जाने को
उसे अपने दिल से उतना ही करीब पाया
आज फिर किसी याद में सारी रात सो नही पाया.........

आज फिर किसी याद में

आज फिर किसी याद में सारी रात सो नही पाया.
बेव्स और लचर दिल को रोक नही पाया.
आँखे बंद की जब उसे दूर जाने को
उसे अपने दिल से उतना ही करीब पाया
आज फिर किसी याद में सारी रात सो नही पाया.........