है तेरे दर्द का एहसास मुझे भी
कट रही होगी ज़िंदगी कैसी
है इस बात का अंदाज़ मुझे भी
ना शिकायत कर सकता खुदा से
ना दे सकता बेवफा नाम तुझे
ये ज़िंदगी किस मोड़ पर ला खड़ी कर गई
ना पा सकता तुझे ना खो सकता कभी
ना गम है मुझे मेरे गम का
मैं तेरा गम सोच डर जाउ
मैं तो जी लु भरी आंसू मे
पर तेरे आंसू देख मर जाउ
ना कर मुझे इतना बेबस और लाचार
है तेरे दर्द का एहसास मुझे भी....................
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gud 1 :)
ReplyDeleteVery Nice Poem!
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